kabir ji ke kalyugh ke mata pita niru or nimaa -www.santrampaljiamaharaj.com

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   आप को नीरू नीमा के बारे में बताना चाहूंगा की ये कोन थे ?द्वापर युग में  नीरू नीमा सुपच सुदर्शन के माता पिता थे। इन्होंने कबीर साहेब की बात को उस समय स्वीकार नही किया था। अंत में करुणामय रूप में  आए कबीर जी से प्रार्थना की थी की प्रभुआपने मुझे उपदेश दे दिया तो सब कुछ दिया। आप से आज तक कुछ मांगने की आवश्यकता ही नही पड़ी। क्यों की आपने सर्व मनोकामना पूर्ण कर दी तथा जो वास्तविक भक्ति धन है उससे भी परिपूर्ण कर दिया। आई प्रार्थना है दास की यदि उचित समझो तो स्वीकार कर लेना।मेरे माता पिता यदि किसी जन्म में कभी मनुष्य शरीर प्राप्त करे तो इनको संभालना प्रभु। ये बहुत पुण्यात्मा हे ,लेकिन आज इनकी बुद्धि विपरीत हो गई है ये परमात्मा की वाणी को मान नही रहे। कबीर साहेब ने कहा चिंता मत कर ,अब तू अपने माता पिता के चक्कर में यह उलझ जाएगा। आनेदे समय इनको भी संभालूंगा। कल जाल से पर करूँगा। तू निश्चिन्त होकर सतलोक जा सुदर्शन जी सतलोक चले गए। 
सुदर्शन के माता पिता कलयुग में नीरू नीम के जन्म से पहले भी ब्राह्मण के घर में इनके दो जन्म हुए ,उस समय भी निःसंतान ही रहे। फिर तीसरा मनुष्य जन्म काशी में हुआ। उस समय भी वे ब्राह्मण  और ब्राह्मणी [गोरी शंकर और सरस्वती के  नाम से ]थे,संतान फिर भी नही थी। 
नीरू तथा नीमा दोनों गोरी शंकरऔर सरस्वती के  नाम के ब्राह्मण जाती से  थे। ये भगवान् शिव के उपासक थे।भगवान शिव की महिमा शिव पुराण निःस्वार्थ भाव से भक्तात्माओं सुनाया करते थे। किसी से पैसे नहीं लेते थे। इतने नेक आत्मा थे की यदि कोई उनको अपने आप दक्षिणा दे जाता था ,उसमे से अपने भोजन योग्य रख लेते थे। और जो बच जाता था उसका भण्डारा कर देते थे। 
अन्य स्वार्थी ब्राह्मण गोरी शंकर और सरस्वती से ईर्ष्या रखते थे कियो की गोरी शंकर निश्वार्थ कथा किया करते थे। पैसे के लालच में भगतो को गुमराह नही करते थे। जिस कारण से प्रशंसा के पात्र बने हुए थे। उदर से मुसलमानो को ज्ञान हो गया की इनके साथ कोई हिन्दू ब्राह्मण नही हे। उन्होंने इसका लाभ उठाया और बलपूर्वक उनको मुसलमान बना दिया ,मुसलमानो ने आपना पानी उनके सारे घर में छिड़क दिया था उनके मुह में भी दाल दिया कपड़ो पर छिड़क दिया उससे हिन्दूब्राह्मनो ने कहा की अब ये मुसलमान बन गए हे,आज के बाद इनका हमारे से कोई भाई चार नही रहेगा . और वो  विवश हो गये। 
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